यह बायोपिक जॉर्ज फ़ोरमैन द्वारा एक मुकाम हासिल करने से लेकर उनके दिग्गज बन जाने तक की कहानी कहती है. यह धर्म के प्रति बढ़ते उनके कदमों और रिंग में उनकी असंभाव्य वापसी की दास्तान है.