जब संगीत उद्योग के एक ताक़तवर व्यक्ति को एक फिरौती की साज़िश में निशाना बनाया जाता है, तो अपने परिवार और विरासत को बचाने के लिए लड़ने पर मजबूर होने पर वह ज़िंदगी व मौत से जुड़ी एक नैतिक दुविधा में फँस जाता है।